Monday, September 26, 2022

(Cheque Bounce Law ) चेक बाउंस नोएडा , गौतम बुद्ध नगर

 

CHEQUE BOUNCE LAW : चेक बाउंस होना एक क़ानूनी दंडनीय अपराध जिसमे विपक्षी को  जेल तक जाने का है प्रावधान, जानिए क्या नियम

सभी नोएडा  बैंक खाता धारकों को, चेक बाउंस से जुड़े नियमों का पता होना चाहिए. जानिए किन कारणों से आपका चेक बाउंस हो सकता है. और कब चेक बाउंस के लिए सजा का प्रावधान है

डिजिटल माध्यमों से पेमेंट के ऑप्शन मौजूद हैं. लेकिन चेक पेमेंट एक सुरक्षित माध्यम है. चेक के द्वारा पैसों का लेन-देन सालों से चला आ रहा है. लेकिन चेक पेमेंट करते समय आपको सावधानी से अपनी जानकारी भरना चाहिए. अगर चेक बाउंस होता है, तो व्यक्ति को कुछ पेनल्टी देना होती है. साथ ही कुछ गंभीर मामलों में सजा का भी प्रावधान है.

चेक बाउंस का क्या होता है मतलब


जब किसी कारण से बैंक, चेक को रिजेक्ट कर देता है और पेमेंट नहीं हो पाता है तो इसे चेक बाउंस होना कहते हैं. ऐसा होने का कारण ज्यादातर अकाउंट में बैलेंस ना होना होता है. इसके अलावा अगर व्यक्ति के सिग्नेचर में अंतर है तो भी बैंक चेक को रिजेक्ट कर देता है.

लीगल नोटिस भी भेजा जा सकता है


चेक बाउंस होने की स्तिथि में आपको, उस देनदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देना होती है. जिसके बाद उसे 1 महीने के भीतर आपको पेमेंट करना बेहद जरूरी है. ऐसा ना करने की स्तिथि में व्यक्ति को लीगल नोटिस  भेजा जाता है. उसके बाद भी अगर 15 दिन तक कोई जवाब नहीं दिया जाता है तो उसके खिलाफ Negotiable Instrument Act 1881 के सेक्शन 138 के तहत केस रजिस्टर किया जा सकता है.

2 साल तक की हो सकती है सजा 


चेक बाउंस होने को एक दंडनीय अपराध माना जाता है. और ऐसा होने पर जुर्माना, और 2 साल की सजा दोनों का प्रावधान है. इसके खिलाफ धरा 138 के तहत केस दर्ज किया जाता है. जिस व्यक्ति का चेक बाउंस हुआ है उसे 2 साल की सजा के साथ ब्याज सहित रकम देनी होती है. यह जुर्माने की रकम कितनी बार चेक बैंक द्वारा लौटाया गया है इस पर भी निर्भर करती है.

चेक बाउंस के निम्न कारण होते है:- 

यदि जारीकर्ता एक बुरी जांच लिखता है तो एक चेक बाउंस किया जाता है - तकनीकी कारणों से हस्ताक्षर या ओवरराइटिंग के मेल-मिलाप के कारण, या जब खाते में अपर्याप्त धनराशि होती है जिसके परिणामस्वरूप बैंक द्वारा संसाधित नहीं किया जाता है। तब चेक को अवैतनिक या अपमानित किया जाता है। बार-बार अपराधों में गंभीर असर पड़ सकता है।

Noida Property Mutation

 If you are going to buy any land in Noida, then definitely get the filing of that land rejected. Only after the filing is rejected, the buyer of the land (AAP) becomes the legal owner of that land. The name of a person as the owner of that property is recorded in the revenue record (khatoni) only after the filing of the land. (legalhelpwale.com)

Apart from this, After the loss due to any natural calamity, government relief is available only to those people whose property filing remains rejected. You cannot even take a loan from any bank against the property whose filing is not rejected. (www.legalhelpwale.com)

It is mandatory to reject the filing of any property within 90 days .

For more information contact the expert of Noida filing dismissal 9911424959

दाखिल खारिज

      अगर आप नोएडा मै किसी जमीन को खरीदने जा रहे हैं, तो उस जमीन का दाखिल खारिज जरूर कराएं। दाखिल खारिज कराने के बाद ही जमीन का क्रेता (आप) कानूनी रूप से उस जमीन का मालिक बनता है। जमीन का दाखिल ख़ारिज के बाद ही राजस्व रिकॉर्ड (खतोनी)  में किसी व्यक्ति का नाम उस संपत्ति के मालिक के रूप में दर्ज होता है।

     इसके अलावा किसी प्राकृतिक आपदा में होने वाले नुकसान के बाद सरकारी राहत सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलती है जिनकी प्रॉपर्टी का दाखिल खारिज हुआ रहता है. जिस प्रॉपर्टी का दाखिल खारिज नहीं होता, उस प्रॉपर्टी के एवज में आप किसी बैंक से लोन भी नहीं ले सकते हैं.

किसी भी सम्पति का 90 दिनों के भीतर दाखिल खारिज करना अनिवार्य है | 

ज्यादा जानकारी के लिये नोएडा दाखिल खारिज एक्सपर्ट से संपर्क करे | 

9911424959


Legal Heir Certificate

 Legal Heir Certificate (LHC)

Legal Heir Certificate is a very important certificate which is issued in case of sudden demise (passing or death) of a family member. noida gautam buddha nagar advocate noida advocate noida gautam buddha nagar

What is legal Heir Certificate:-

In the event of the sudden demise of a family member, a heir certificate is a document issued byt the government to determine the rightful owner of their property of property. This certificate is used to verify the heir with the deceased person to get insurance, pension, retirement benefits etc. From the central and state government departments.

 

The following information is required of people to become legal heirs. The person's name, age and relationship are all details. It establishes its relationship with the deceased and is required to transfer the property of the deceased persons to his legal heirs. The legal heir should have complete knowledge of all the properties such as immovable property and movable property.

 

Who is eligible for legal heir certificate?

The spouse, children, siblings and parents of the deceased can apply for the legal heir certificate.

Is done to

Documents for making Legal Certificate:-

Death Certificate

Resident Proof

Aadhar Card, Voter Card, Ration Card, Passport, Driving License etc. of the deceased and the applicant.

Declaration or Affidavit (Affidavit)

More Information 

9911424959

वारिसन प्रमाण पत्र नोएडा

 

वारिस प्रमाणपत्र

कानूनी वारिस प्रमाणपत्र एक अत्यंत जरुरी आवश्यक प्रमाण पत्र है जो परिवार के किसी सदस्य के आकस्मिक निधन (गुजरने या मृत्य) के मामले में जारी किया जाता है। नोयडा गौतम बुद्ध नगर , एडवोकेट नोयडा , अधिवक्ता नोयडा गौतम बुद्ध नगर

वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) क्या है :-

किसी परिवार के सदस्य के आकस्मिक निधन की स्थिति में उनकी संपति या संपति के वास्तविक मालिक का निर्धारण करने के लिय वारिस प्रमाण पत्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक दस्तावेज़ होता है | इस प्रमाण पत्र का उपयोग मृतक व्यक्ति के साथ बीमा, पेंशन , केन्द्र और राज्य सरकार के विभागो से सेवानिवृत्त लाभ आदि प्राप्त करने के लिये मृतक व्यक्ति के साथ वारिस होने को सत्यापित करने के लिये किया जाता है |

क़ानूनी वारिस बनने वाले लोगो की निम्न जानकारी चाहिए व्यक्ति के नाम, उम्र और संबंध के सभी विवरण हैं। यह मृतक के साथ अपना संबंध स्थापित करता है और मृत व्यक्तियों की संपत्ति को उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित करना आवश्यक है। कानूनी वारिस की सभी सम्पतियो की पूरी जानकारी होनी चाहिए जैसे अचल सम्पति और चल सम्पति

कानूनी  उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र के लिये कोन योग्य है ?

मृतक के पति या पत्नी , बच्चे , भाई – बहन और माता – पिता क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र के लिये आवेदन कर सकते है |

करने के लिये किया जाता है |

वरिश प्रमाण पत्र बनवाने हेतू दस्तावेज़:-

मृत्य प्रमाण पत्र (Death Certificate)

निवास का प्रमाण (Resident Proof )

मृतक तथा आवेदक का आधार कार्ड , वोटर कार्ड , राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि

घोषणा पत्र या हलफनामा (शपथ पत्र Affidavit)

ज्यादा जानकारी के लिये संपर्क करे 

9911424959